₹12.75 लाख तक सैलरी पर टैक्स ज़ीरो

नए टैक्स रिजीम में सैलरी वालों को ₹12.75 लाख तक कोई इनकम टैक्स नहीं। पर ₹13 लाख होते ही क्या होता है? पूरा हिसाब।

22 अक्टूबर 2026 · संतोष जोशी · Compound Cave

वित्त वर्ष 2026-27 के नए टैक्स रिजीम में दो चीज़ें मिलकर ₹12 लाख तक की टैक्स योग्य आय पर टैक्स ख़त्म कर देती हैं: सेक्शन 87A रिबेट (₹60,000 तक) और सैलरी वालों के लिए ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन। इसलिए ₹12.75 लाख तक की ग्रॉस सैलरी पर टैक्स शून्य है।

₹12.75 लाख से ऊपर क्या होता है?

अगर रिबेट एकदम ख़त्म हो जाता, तो ₹1 ज़्यादा कमाने पर ₹60,000 से ज़्यादा टैक्स लग जाता। इसलिए marginal relief है: ₹12 लाख से ऊपर की टैक्स योग्य आय पर टैक्स उस अतिरिक्त आय से ज़्यादा नहीं होता।

ग्रॉस सैलरी (सालाना)टैक्स योग्य आयकुल टैक्स (4% सेस समेत)
₹12,75,000₹12,00,000₹0
₹13,00,000₹12,25,000₹26,000
₹13,50,000₹12,75,000₹74,100
₹15,00,000₹14,25,000₹97,500
₹18,00,000₹17,25,000₹1,50,800
₹20,00,000₹19,25,000₹1,92,400
₹25,00,000₹24,25,000₹3,19,800

नए रिजीम के स्लैब

₹4 लाख तक 0%, ₹4-8 लाख 5%, ₹8-12 लाख 10%, ₹12-16 लाख 15%, ₹16-20 लाख 20%, ₹20-24 लाख 25% और ₹24 लाख से ऊपर 30%, साथ में 4% सेस।

CTC और सैलरी का फ़र्क याद रखें

ऊपर की टेबल ग्रॉस सैलरी पर है। अगर आपके CTC में कंपनी का PF हिस्सा भी जुड़ा है, तो आपकी ग्रॉस सैलरी CTC से कम होगी और टैक्स भी कम। अपना सही हिसाब सैलरी कैलकुलेटर में देखें।

ये आंकड़े ₹50 लाख तक की आय के लिए हैं (उससे ऊपर सरचार्ज लगता है)। कैपिटल गेन जैसी विशेष दर वाली आय पर रिबेट के नियम अलग हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या पुराने रिजीम में भी ₹12 लाख टैक्स-फ्री है?

नहीं। पुराने रिजीम में ₹5 लाख तक की टैक्स योग्य आय पर ही रिबेट से टैक्स शून्य होता है; वहाँ 80C, HRA जैसी छूट से टैक्स घटाया जाता है।

क्या टैक्स शून्य होने पर भी ITR भरना चाहिए?

कई मामलों में ITR भरना ज़रूरी होता है, और न भी हो तो भरना रिफंड, लोन और वीज़ा के लिए फ़ायदेमंद रहता है। अपने CA से पुष्टि करें।

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