होम लोन लेते समय बैंक अक्सर पूछता है: "कितने साल के लिए?" ज़्यादातर लोग वह अवधि चुनते हैं जिसमें EMI सबसे कम हो। लेकिन EMI जितनी छोटी, ब्याज उतना बड़ा। ₹30 लाख के लोन पर 8.5% सालाना ब्याज मानकर देखिए:
| अवधि | हर महीने EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 10 साल | ₹37,196 | ₹14,63,485 | ₹44,63,485 |
| 15 साल | ₹29,542 | ₹23,17,594 | ₹53,17,594 |
| 20 साल | ₹26,035 | ₹32,48,327 | ₹62,48,327 |
| 25 साल | ₹24,157 | ₹42,47,044 | ₹72,47,044 |
| 30 साल | ₹23,067 | ₹53,04,266 | ₹83,04,266 |
सबसे बड़ा सबक
20 साल से 30 साल करने पर EMI सिर्फ़ ₹2,968 कम होती है, लेकिन कुल ब्याज लगभग ₹20.6 लाख बढ़ जाता है। यानी हर महीने लगभग ₹3,000 बचाने के लिए आप 10 साल ज़्यादा किस्तें भरते हैं।
उल्टी दिशा में भी देखिए: 20 की जगह 15 साल चुनने पर EMI ₹3,507 बढ़ती है, पर ब्याज लगभग ₹9.3 लाख कम हो जाता है।
कौन सी अवधि चुनें?
- EMI आपकी इन-हैंड सैलरी के 30-40% से ज़्यादा न हो। इससे ऊपर जाने पर दूसरे खर्च और बचत दब जाते हैं।
- लंबी अवधि लेकर बाद में प्रीपेमेंट करना एक लचीला तरीका है: मुश्किल समय में EMI छोटी रहती है, और जब बोनस या एक्स्ट्रा पैसा आए तो मूलधन घटा दें।
- उम्र भी देखें। बैंक आमतौर पर चाहते हैं कि लोन रिटायरमेंट से पहले खत्म हो जाए।
शुरुआती सालों का सच
20 साल के लोन में पहले साल आप ₹3.12 लाख EMI भरते हैं, जिसमें से लगभग ₹2.53 लाख सिर्फ़ ब्याज में जाता है और मूलधन सिर्फ़ ₹59,707 घटता है। यही वजह है कि शुरुआती सालों में किया गया प्रीपेमेंट सबसे ज़्यादा ब्याज बचाता है।
हिसाब: ₹30,00,000 लोन, 8.5% सालाना ब्याज, मासिक EMI, प्रोसेसिंग फीस और इंश्योरेंस शामिल नहीं।
रकम, दर और अवधि बदलकर तुरंत देखिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
होम लोन की अवधि बाद में बदल सकते हैं?
हाँ, ज़्यादातर बैंक प्रीपेमेंट के बाद EMI या अवधि घटाने का विकल्प देते हैं, और कुछ मामलों में अवधि बढ़ाने का भी। शर्तें अपने बैंक से पूछें।
क्या 30 साल का लोन कभी अच्छा है?
अगर आज EMI बहुत भारी पड़ रही है और आप नियमित प्रीपेमेंट का पक्का प्लान रखते हैं, तो 30 साल लचीलापन देता है। बिना प्रीपेमेंट के यह सबसे महँगा विकल्प है।
