पॉलिसी का असल रिटर्न कैसे निकलता है?
"पैसा दोगुना" सुनकर रिटर्न अच्छा लगता है, पर पहला प्रीमियम 20 साल तक लगा रहता है और आख़िरी प्रीमियम सिर्फ़ कुछ साल। इसलिए सही तरीका है IRR (Internal Rate of Return): वह सालाना दर जिस पर आपके सारे प्रीमियम बढ़कर ठीक मैच्योरिटी रकम के बराबर हो जाएँ।
सभी प्रीमियम × (1 + r)बचे हुए साल का जोड़ = मैच्योरिटी रकम → r = असल सालाना रिटर्न
उदाहरण
₹50,000 हर साल, 15 साल तक (कुल ₹7.5 लाख), पॉलिसी 20 साल में मैच्योर, मैच्योरिटी ₹15 लाख। पैसा दोगुना लगता है, पर असल सालाना रिटर्न सिर्फ़ लगभग 5.3% है। यही ₹50,000 हर साल 15 साल PPF में (7.1%) डालकर 20वें साल तक छोड़ते तो लगभग ₹19.1 लाख बनते।
उल्टा हिसाब
"मैच्योरिटी रकम" चुनें तो पता चलता है कि आपके चाहे रिटर्न (जैसे 7%) के लिए पॉलिसी को कितना देना चाहिए। "प्रीमियम" चुनें तो दिखेगा कि किसी तय मैच्योरिटी के लिए उस रिटर्न पर कितना प्रीमियम सही होता। एजेंट के illustration से मिलाकर देखिए।
बीमा और निवेश अलग रखें?
कई लोग टर्म इंश्योरेंस (सस्ता, सिर्फ़ जोखिम कवर) लेकर बचा पैसा PPF, FD या म्यूचुअल फंड में लगाते हैं। एंडोमेंट पॉलिसी में बीमा और बचत एक साथ होते हैं, इसलिए रिटर्न अक्सर कम दिखता है। कौन सा आपके लिए ठीक है, यह आपकी ज़रूरत और अनुशासन पर निर्भर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मैच्योरिटी रकम में क्या डालूँ?
पॉलिसी के अंत में मिलने वाली कुल रकम: बीमा राशि + बोनस + फाइनल एडिशनल बोनस। बोनस गारंटीड नहीं होता, इसलिए एजेंट के illustration (अक्सर 4% और 8% वाले दो अनुमान) दोनों डालकर देखें।
मनी-बैक पॉलिसी का रिटर्न कैसे निकालें?
यह कैलकुलेटर बीच में मिलने वाले भुगतान नहीं जोड़ता, इसलिए मनी-बैक पॉलिसी में असल रिटर्न इससे थोड़ा ज़्यादा होगा। सिर्फ़ आख़िर में मिलने वाली रकम डालने पर रिटर्न कम दिखेगा।
क्या मैच्योरिटी रकम टैक्स-फ्री है?
1 अप्रैल 2023 के बाद ली गई पारंपरिक पॉलिसी में अगर सभी पॉलिसियों का सालाना प्रीमियम ₹5 लाख से ज़्यादा है तो मैच्योरिटी पर टैक्स लगता है। प्रीमियम बीमा राशि के 10% से ज़्यादा हो तब भी छूट नहीं मिलती। अपनी पॉलिसी के लिए CA से पुष्टि करें।
पॉलिसी बीच में बंद (surrender) करूँ तो?
शुरुआती सालों में surrender value भरे गए प्रीमियम से काफ़ी कम होती है। फ़ैसला लेने से पहले कंपनी से surrender value लिखित में लें और इस कैलकुलेटर में मैच्योरिटी की जगह वह रकम और अवधि की जगह मौजूदा साल डालकर रिटर्न देखें।
दूसरे कैलकुलेटर: EMI कैलकुलेटर · SIP कैलकुलेटर · FD कैलकुलेटर · GST कैलकुलेटर · सैलरी कैलकुलेटर
